रांची न्यूज डेस्क: झारखंड इस समय एक तरफ जहरीली हवा और दूसरी ओर भीषण गर्मी के 'डबल अटैक' की चपेट में है। राजधानी रांची समेत धनबाद, जमशेदपुर और पलामू जैसे जिलों में प्रदूषण और लू (Heatwave) ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति रही, तो साल 2026 अब तक का सबसे गर्म साल साबित हो सकता है।
वायु प्रदूषण का खतरनाक स्तर:
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, रांची का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 168 के पार पहुंच गया है, जो 'अस्वस्थ' श्रेणी में आता है। डोरंडा, रातू रोड और कचहरी चौक जैसे इलाकों में PM 2.5 और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का स्तर मानकों से कहीं ज्यादा है। इसके अलावा हजारीबाग और रामगढ़ में भी AQI 150 के पार है। खनन, निर्माण कार्य और वाहनों का धुआं इस 'साइलेंट किलर' प्रदूषण के मुख्य कारण हैं।
भीषण गर्मी और हीटवेव का रेड अलर्ट:
प्रदूषण के साथ-साथ सूरज की तपिश ने भी रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है। रांची का तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने पलामू, गढ़वा और चतरा सहित कई जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया है। दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक चलने वाली गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है।
सेहत पर बुरा असर:
रिम्स (RIMS) के डॉक्टरों के मुताबिक, पिछले दो हफ्तों में सांस और एलर्जी के मरीजों में 25% की बढ़ोतरी हुई है। जहरीली हवा और गर्मी के कारण अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, आंखों में जलन और त्वचा संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
प्रशासन की तैयारी और बचाव के उपाय:
झारखंड प्रदूषण नियंत्रण पर्षद (JSPCB) ने खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है और नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों ने इस मौसम में स्वस्थ रहने के लिए कुछ जरूरी सलाह दी है:
दोपहर 11 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करें।
खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त पानी, ओआरएस और नींबू पानी पिएं।
धूप से बचने के लिए सिर को ढककर रखें और सूती कपड़े पहनें।