रांची न्यूज डेस्क: झारखंड की राजधानी रांची में भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को हाउस अरेस्ट में रखा गया है। यह कदम तब उठाया गया जब आदिवासी संगठन राज्य सरकार की प्रस्तावित RIMS-2 स्वास्थ्य परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने नागरी क्षेत्र में विरोध कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस दौरान लागू निषेधाज्ञा के तहत कार्रवाई की गई। चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल और उनके समर्थक जो रांची की ओर जा रहे थे, उन्हें भी हिरासत में लिया गया।
डिप्टी एसपी के.वी. रमण ने बताया कि सोरेन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हाउस अरेस्ट में रखा गया। हालांकि, सोरेन ने इसे असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि “सरकार कितनी भी ताकत लगाए, आदिवासी भूमि का एक इंच भी नहीं लिया जाएगा।” प्रदर्शन ‘हल जोतो, रोपा रोपो’ के नारे के तहत किया गया, जिसमें 20 से अधिक आदिवासी संगठन, किसान और जमीन मालिक शामिल थे।
RIMS-2 परियोजना में 2,600 बेड और मेडिकल छात्रों के लिए 100 अंडरग्रेजुएट व 50 पोस्टग्रेजुएट सीटें प्रस्तावित हैं। राज्य कांग्रेस महासचिव राकेश सिन्हा ने कहा कि किसी को अराजकता फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जबकि भाजपा नेता बाबूलाल मारांडी ने हाउस अरेस्ट को “लोकतंत्र की हत्या” बताया। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी इसे लोकतंत्र पर काला धब्बा करार दिया।