रांची न्यूज डेस्क : झारखंड के गिरिडीह जिले के एक प्रवासी मजदूर की सऊदी अरब में कथित तौर पर पुलिस और अपराधियों के बीच हुई गोलीबारी की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 27 वर्षीय विजय कुमार महतो के रूप में हुई है। घटना के लगभग 120 दिन बाद उनका शव भारत लाया गया, जिससे परिवार और गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
विजय कुमार महतो गिरड जिले के डुमरी प्रखंड के निवासी थे और सऊदी अरब में पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट पर कार्यरत थे। परिजनों के अनुसार 15 अक्टूबर को वह डिलीवरी के काम से बाहर गए थे, तभी पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इसी दौरान उन्हें गोली लग गई और बाद में अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया।
कई महीनों की प्रक्रिया के बाद उनका शव बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची पहुंचा। शव पहुंचते ही गांव में मातम पसर गया। परिवार के सदस्यों ने शुरुआत में शव लेने से इनकार कर दिया और नियोक्ता से मुआवजे व जवाबदेही की मांग की। उनका आरोप है कि घटना के बाद कंपनी की ओर से किसी प्रकार का संपर्क नहीं किया गया।
विजय के पिता सूर्य नारायण महतो ने कहा कि परिवार गहरे सदमे में है और अब उनके छोटे बच्चों तथा दिव्यांग पत्नी का सहारा कौन बनेगा। उन्होंने मांग की कि उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता सुनिश्चित किए बिना शव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव ने बताया कि सरकारी प्रावधानों के तहत आवेदन करने पर मृत प्रवासी मजदूर के परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता मिल सकती है। वहीं अधिकारियों ने कहा कि नियोक्ता की ओर से मुआवजा यूएई कांसुलेट जनरल और संबंधित कंपनी की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। घटना के बाद ग्रामीणों और स्थानीय नेताओं में रोष है। उनका कहना है कि झारखंड से बड़ी संख्या में लोग रोजगार के अभाव में खाड़ी देशों में काम करने जाते हैं और यदि पीड़ित परिवार को पर्याप्त सहायता नहीं मिली तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।