रांची न्यूज डेस्क: झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन सहयोगी कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के बीच जारी तनातनी एक बार फिर रांची मेयर चुनाव में खुलकर सामने आ गई है। औपचारिक रूप से गैर-दलीय माने जाने वाले इस चुनाव ने शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के बीच राजनीतिक रंग ले लिया है और गठबंधन के भीतर गहराती दरार को उजागर कर दिया है।
रांची मेयर पद के लिए भाजपा ने रोशनी खलखो को समर्थन दिया है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व मेयर रमा खलखो को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं सत्तारूढ़ जेएमएम ने सुजीत आनंद विजय कुजूर को समर्थन देने का फैसला किया है। जेएमएम ने कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार रमा खलखो से चुनाव से हटकर जेएमएम प्रत्याशी के समर्थन की अपील भी की है।
जेएमएम के रांची जिला अध्यक्ष मुश्ताक आलम ने गठबंधन धर्म की याद दिलाते हुए कहा कि रमा खलखो पहले ही रांची की मेयर रह चुकी हैं और अब समय है कि वे गठबंधन के हित में पीछे हटें। उन्होंने कहा कि पार्टी एक युवा उम्मीदवार विजय कुजूर को आगे बढ़ा रही है, जिनकी ऊर्जा का लाभ रांची की जनता को मिलना चाहिए।
कांग्रेस ने जेएमएम की इस अपील को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि बिना किसी पूर्व परामर्श के अंतिम समय में जेएमएम द्वारा प्रत्याशी तय किया जाना चौंकाने वाला है। कांग्रेस के अनुसार, पहले संयुक्त रणनीति का सुझाव दिया गया था, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई और अब चुनाव प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है, जिससे किसी तरह के राजनीतिक समायोजन की गुंजाइश नहीं बची है।