रांची न्यूज डेस्क: रांची में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या ने पुलिस प्रशासन को कड़े कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। वर्ष 2025 के आंकड़े बताते हैं कि मात्र एक साल में 791 सड़क हादसे और 527 लोगों की मौत हुई। इस भयावह स्थिति को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन ने सभी वरीय अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ हाई लेवल बैठक कर साफ निर्देश दिए कि अब सड़क पर लापरवाही और अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विशेष रूप से रैश ड्राइविंग, स्टंटबाजी और पुलिसकर्मियों पर वाहन चढ़ाने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सिटी एसपी (अर्बन), सिटी एसपी (रूरल), ट्रैफिक एसपी और सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे। हालिया दुर्घटनाओं और अपराधों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। एसएसपी ने कहा कि सभी थाना प्रभारी रात में अनिवार्य गश्त करें। संवेदनशील चौक-चौराहों पर बैरिकेडिंग, स्लाइडर और जिग-जैग अवरोध लगाकर स्पीड कंट्रोल किया जाए। इसके अलावा इंटरसेप्टर वाहनों की तैनाती बढ़ाई जाएगी और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा।
एसएसपी राकेश रंजन ने पुलिस पर वाहन चढ़ाने की हालिया घटनाओं को गंभीर चुनौती मानते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कड़ी धाराओं में केस दर्ज होंगे और आरोपियों को किसी भी हालत में राहत नहीं मिलेगी। रात में स्पेशल चेकिंग ड्राइव, रिंग रोड और आउटर एरिया पर विशेष निगरानी, और शराबी एवं स्टंट ड्राइवर्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू होगी।
पिछले महीनों में हुए कुछ भयावह हादसे बताते हैं कि स्थिति कितनी गंभीर है। 11 फरवरी को चुटिया में एक कार ने छह लोगों को कुचला, जिसमें एक युवक की मौत हुई। 12 फरवरी को लालपुर में बेकाबू कार ने कई वाहनों को टक्कर मारी और एक महिला की जान गई। 9 फरवरी को कचहरी चौक पर कार सवार युवकों ने किन्नर और युवक को कुचला। वहीं, 23 जनवरी को लालपुर चौक पर विवाद के बाद अंकित नामक युवक को कार से कुचलकर मार डाला गया और 31 दिसंबर को जन्मदिन का केक लेने निकले विवेक को मामूली विवाद में वाहन से कुचल दिया गया।