रांची न्यूज डेस्क: करुणा सहदेव आज रांची में गरीबों के लिए उम्मीद और भरोसे का बड़ा नाम बन चुकी हैं। शहर की जानी-मानी गायनेकोलॉजिस्ट के रूप में पहचान रखने वाली डॉ. करुणा को खासतौर पर जरूरतमंद महिलाएं किसी फरिश्ते से कम नहीं मानतीं। 65 साल की उम्र में भी वह रोज करीब 18 घंटे काम कर रही हैं और सरकारी अस्पताल के साथ अपने ‘बाबा हॉस्पिटल’ में बेहद कम खर्च पर इलाज उपलब्ध करा रही हैं।
डॉ. करुणा सहदेव ने अपनी पढ़ाई राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) से की। मेडिकल की पढ़ाई के दौरान उन्होंने करीब से देखा कि आर्थिक तंगी के कारण कई मरीज सही इलाज नहीं करा पाते। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं की परेशानियों ने उन्हें काफी प्रभावित किया। इलाज के अभाव में कई महिलाओं की हालत गंभीर हो जाती थी। तभी उन्होंने तय कर लिया था कि डॉक्टर बनने के बाद वह गरीबों के लिए सस्ती और बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराएंगी।
उन्होंने बताया कि उन्हें बड़े निजी अस्पतालों से करोड़ों रुपये के ऑफर मिले, लेकिन उन्होंने सेवा का रास्ता चुना। आज उनके अस्पताल में मात्र 100 रुपये में जांच होती है, जबकि बेहद कम खर्च में प्रसव की सुविधा भी दी जाती है। यही वजह है कि उनके अस्पताल के बाहर हर दिन बड़ी संख्या में मरीजों की भीड़ देखने को मिलती है। गरीब से लेकर संपन्न परिवार तक की महिलाएं इलाज के लिए उन्हीं पर भरोसा जताती हैं।
डॉ. करुणा सहदेव को अब तक कई सम्मान और पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्हें बेस्ट डॉक्टर और बेस्ट गायनेकोलॉजिस्ट जैसे अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। बताया जाता है कि वह अब तक एक लाख से ज्यादा प्रसव और ऑपरेशन कर चुकी हैं। लोगों के बीच उनकी पहचान एक ऐसी डॉक्टर के रूप में है, जो चिकित्सा को केवल पेशा नहीं बल्कि समाज सेवा मानती हैं। उनका कहना है कि किसी गरीब मरीज को स्वस्थ होकर मुस्कुराते हुए घर लौटते देख जो संतोष मिलता है, उसकी तुलना किसी धन-दौलत से नहीं की जा सकती।