रांची न्यूज डेस्क: झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार अंतर-जिला साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। यह गिरोह सीधे-साधे और अनजान लोगों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके नाम पर बैंक खाते खोलता था और फिर उन खातों के जरिए साइबर ठगी के पैसों का लेन-देन (मनी लॉन्ड्रिंग) करता था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन के अनुसार, इस पूरे मामले का विवरण इस प्रकार है:
1. फ्लैट में छापेमारी के दौरान हुई गिरफ्तारी
रांची पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर के एक अपार्टमेंट में कुछ लोग संदिग्ध साइबर गतिविधियों में लिप्त हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने गुरुवार रात अपार्टमेंट के एक फ्लैट में छापेमारी (Raid) की। इस दौरान मौके से चार आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया और एक नाबालिग को निरुद्ध (Detain) किया गया।
2. 'निखिल' नाम का मास्टरमाइंड दे रहा था ट्रेनिंग
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:
क्राइम की पाठशाला: आरोपियों ने बताया कि जिस फ्लैट में वे रह रहे थे, उसका मालिक निखिल है। निखिल ही इस पूरे गैंग का मास्टरमाइंड है।
ट्रेनिंग और एग्जीक्यूशन: निखिल ने ही इन सभी लड़कों को रांची बुलाया था और उन्हें साइबर अपराध करने के नए-नए तरीके सिखा रहा था। वह इन लड़कों के जरिए अपने प्लान को जमीन पर एग्जीक्यूट (अंजाम देना) करवाता था। पुलिस अब मास्टरमाइंड निखिल की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
3. विभिन्न जिलों से जुड़े हैं अपराधियों के तार
पकड़े गए साइबर अपराधी झारखंड के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं, जिससे साफ है कि इनका नेटवर्क काफी फैला हुआ है:
तीन आरोपी रामगढ़ जिले के रहने वाले हैं।
एक आरोपी बोकारो और एक जामतारा (जो साइबर क्राइम का गढ़ माना जाता है) का रहने वाला है।
4. भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और बैंक सामग्रियां बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी और बैंक खाते संचालित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कई उपकरण और दस्तावेज बरामद किए हैं:
50 बैंक पासबुक (अलग-अलग बैंकों की)
26 डेबिट कार्ड (ATM कार्ड्स)
08 चेकबुक
13 मोबाइल फोन
03 आधार कार्ड (फर्जी पहचान के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले)
रांची एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इस गिरोह के अन्य सदस्यों व बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए पैसों के सोर्स का पता लगाने के लिए आगे की तफ्तीश कर रही है।