रांची न्यूज डेस्क: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी के बीच अब मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। बुधवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई बारिश का सीधा असर गुरुवार सुबह राजधानी रांची समेत कई इलाकों में देखने को मिला, जिससे लोगों को चिलचिलाती धूप और गर्मी से आंशिक राहत मिली है। हालांकि, दोपहर के समय तेज धूप और उमस ने लोगों को थोड़ा परेशान जरूर किया।
तापमान का लेखा-जोखा:
रांची का पारा गिरा: राजधानी रांची में पिछले 24 घंटों के भीतर न्यूनतम तापमान में 3.7 डिग्री सेल्सियस की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को रांची का अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
डालटनगंज रहा सबसे गर्म: जहां एक तरफ कई जिलों में तापमान गिरा है, वहीं डालटनगंज (मेदिनीनगर) 42 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस समय झारखंड के वायुमंडल के ऊपर दो 'टर्फ लाइन' (Trough Lines) सक्रिय हैं। मौसम प्रणालियों के इस असर के कारण ही राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले अगले दो से तीन दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे गर्मी का असर काफी कम हो जाएगा।
1 जून तक आंधी-बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट':
मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की चेतावनी देते हुए 1 जून तक के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान राज्य के 20 जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से आंधी चलने, वज्रपात (बिजली चमकने) और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है।
अलर्ट के दायरे में आने वाले मुख्य जिले: रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, कोडरमा, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला और लोहरदगा।
प्रशासन ने इन जिलों के निवासियों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों या बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।