रांची न्यूज डेस्क: झारखंड की राजधानी रांची में ऑनलाइन परीक्षा में धांधली का बड़ा मामला सामने आया है। टाटीसिलवे स्थित एक परीक्षा केंद्र में कंप्यूटर सिस्टम हैक कर अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का खेल चल रहा था। मामले की सूचना मिलने के बाद रांची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में इस पूरे रैकेट के तार बिहार से जुड़े होने की बात सामने आई है। खास बात यह है कि मई महीने में रांची में इस तरह का यह दूसरा मामला सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित GD/Constable CAPF परीक्षा-2026 के दौरान परीक्षा केंद्र के कंप्यूटर सिस्टम को रिमोट एक्सेस के जरिए हैक किया जा रहा था। जांच में पता चला कि परीक्षा शुरू होने से पहले एक अभ्यर्थी का कंप्यूटर इनविजिलेटर के कहने पर रीस्टार्ट कराया गया था, जबकि नियमों में इसकी अनुमति नहीं होती। सिस्टम रीस्टार्ट होते ही पुलिस को शक हुआ कि स्क्रीन मिररिंग और इंटरनेट के जरिए बाहर बैठकर सवाल हल कराए जा रहे हैं।
ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने बताया कि गिरफ्तार अभ्यर्थी मृत्युंजय कुमार यादव और इनविजिलेटर संजीत कुमार से पूछताछ में पूरे रैकेट का खुलासा हुआ। आरोपियों ने बताया कि परीक्षा केंद्र के सामने किराए के मकान में सेंटर अधीक्षक विकास कुमार और आईटी कर्मी मुन्ना राज बैठकर इंटरनेट और IP एड्रेस के जरिए सिस्टम हैक कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से एक कंप्यूटर सिस्टम, तीन मोबाइल फोन, ब्लैंक चेक, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि बिहार के बिचौलियों के जरिए अभ्यर्थियों से सेटिंग कराई जाती थी और परीक्षा पास कराने के नाम पर 6 से 10 लाख रुपये तक वसूले जाते थे। इससे पहले पंडरा ओपी इलाके में भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया था, जहां छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उस मामले में भी कंप्यूटर सिस्टम को मास्टर सिस्टम से हैक कर प्रश्नों के उत्तर अपने आप हल किए जा रहे थे।