रांची न्यूज डेस्क: साल 2009 में रांची के कारोबारी परिवार से जुड़े लव भाटिया के अपहरण ने पूरे झारखंड को हिला दिया था। पंजाब स्वीट हाउस से निकलकर पीपी कंपाउंड स्थित घर लौट रहे लव भाटिया को रास्ते में कुख्यात चंदन सोनार गिरोह ने अगवा कर लिया था। इस वारदात के बाद पुलिस और अपराधियों के बीच हुए एनकाउंटर ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी।
अपहरण के बाद अपराधियों ने लव भाटिया को बोकारो सेक्टर-2 के एक क्वार्टर में बंधक बनाकर रखा था, जबकि उनका मोबाइल और कपड़े लेकर गिरोह के कुछ सदस्य बरही की तरफ निकल गए थे। पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान हजारीबाग इलाके से तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन लव भाटिया उनके साथ नहीं मिले।
गिरफ्तार अपराधियों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने पर पुलिस को एक संदिग्ध नंबर मिला, जिसकी लोकेशन बोकारो सेक्टर-2 में ट्रेस हुई। इसके बाद पुलिस ने वहां दबिश दी, जहां अपराधियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। एनकाउंटर में फौजी, मोनू और राजू सिंह नामक तीन अपराधी मारे गए। वहीं, एक अन्य बदमाश क्वार्टर के अंदर ड्रम में छिपा मिला, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
मौके से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार बरामद किए थे, जिनमें एक बंदूक, एक राइफल, नौ पिस्तौल, एक देशी कट्टा और 79 गोलियां शामिल थीं। जांच में खुलासा हुआ कि अपराधियों की योजना लव भाटिया के परिवार से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने की थी। पुलिस जांच में इस पूरे अपहरण कांड के पीछे कुख्यात अपराधी चंदन सोनार का नाम सामने आया, जिसे बाद में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
यह मामला झारखंड के सबसे चर्चित अपहरण कांडों में गिना जाता है। बाद में लव भाटिया पर कावेरी रेस्टोरेंट के बाहर फायरिंग की घटना भी हुई थी। बताया गया था कि रंगदारी के लिए दबाव बनाने को लेकर यह हमला कराया गया था।