रांची न्यूज डेस्क: शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अचानक रांची शहर निरीक्षण ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी। बिना किसी प्रोटोकॉल और विशेष सुरक्षा के मुख्यमंत्री आम नागरिक की तरह सड़कों पर निकले और ट्रैफिक, नागरिक सुविधाओं व शहर की अव्यवस्थाओं को करीब से देखा। इस निरीक्षण के अगले ही दिन रविवार को जिला प्रशासन की अहम बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री के निर्देशों के आधार पर कई ठोस फैसले लिए गए।
रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार शहर को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिक्रमण हटाने, प्रमुख सड़कों और चौराहों पर यातायात सुधारने, बिजली के खंभों पर बेतरतीब लटके तारों को व्यवस्थित करने और अनावश्यक कट्स को बंद करने पर विस्तार से चर्चा हुई। टेलीकॉम कंपनियों के साथ अलग बैठक कर तारों की अव्यवस्था जल्द दूर करने के निर्देश भी दिए गए।
शहर में टोटो के कारण बिगड़ती यातायात व्यवस्था पर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। जिला परिवहन पदाधिकारी को टोटो संघ के साथ बैठक कर रूट तय करने, परिचालन में अनुशासन लाने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही टोटो चालकों के लिए यूनिफॉर्म अनिवार्य करने और वाहन के पीछे चालक का नाम व मोबाइल नंबर बड़े अक्षरों में लिखवाने को कहा गया, ताकि जवाबदेही तय हो सके।
महिला सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने विशेष फोकस किया। भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों, शिक्षण संस्थानों और रात के समय गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील स्थानों की पहचान कर निगरानी मजबूत करने और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा, नगर निगम और अंचल अधिकारियों को मिलकर अतिक्रमण हटाने की संयुक्त कार्रवाई तेज करने का फैसला लिया गया, ताकि आम लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।