रांची न्यूज डेस्क: बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की हत्या को लेकर झारखंड समेत देश के कई हिस्सों में नाराजगी देखने को मिल रही है। इस मुद्दे पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने केंद्र सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है और प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि बांग्लादेश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है और एक खास समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है, जिसे किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब देश के भीतर भड़काऊ भाषण दिए जाएंगे तो उसका असर पड़ोसी देशों तक दिखेगा। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रधानमंत्री को पार्टी हित से ऊपर उठकर देश के हित में फैसला लेना चाहिए। जेएमएम ने बांग्लादेश में हो रही हिंसा को बेहद दुखद बताया और कहा कि वहां की स्थिति 1970 के हालात की याद दिला रही है, जब भारत के सहयोग से बांग्लादेश का गठन हुआ था।
जेएमएम का आरोप है कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी ताकतें बाहरी दबाव में आकर हालात बिगाड़ रही हैं और वहां लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश की जा रही है। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रपति यूनुस के उकसावे में आकर अलोकतांत्रिक शक्तियां सक्रिय हो रही हैं, जिससे धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही भारत को भी अप्रत्यक्ष रूप से टारगेट किया जा रहा है, जिस पर केंद्र सरकार को कड़ा रुख अपनाना चाहिए।
वहीं, बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इसी क्रम में 24 दिसंबर को झारखंड के जामताड़ा में बीजेपी नेता रणधीर सिंह के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला गया और बांग्लादेश का पुतला फूंका गया। रणधीर सिंह ने कहा कि अल्पसंख्यक हिंदुओं पर लगातार हो रहे हमले गंभीर चिंता का विषय हैं और भारत सरकार को इस मुद्दे पर बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाना चाहिए।