रांची न्यूज डेस्क: रांची के प्रसिद्ध चूड़ी बाजार में इन दिनों गैस की किल्लत का सीधा असर देखने को मिल रहा है। पूर्वी भारत के बड़े हब माने जाने वाले इस बाजार से पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ तक चूड़ियों की सप्लाई होती है, लेकिन अब महंगाई और उत्पादन में कमी से व्यापार प्रभावित हो रहा है।
व्यापारियों के अनुसार, देश का प्रमुख चूड़ी निर्माण केंद्र फिरोजाबाद गैस संकट से बुरी तरह प्रभावित है। कमर्शियल गैस की कमी के कारण कई यूनिट बंद हो चुकी हैं और जो उत्पादन हो रहा है, उसकी लागत बढ़ गई है। इसका सीधा असर सप्लाई चेन पर पड़ा है, जिससे बाजार में चूड़ियां महंगी हो गई हैं।
थोक से लेकर खुदरा तक कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। पहले जो चूड़ियों का डिब्बा ₹24 में मिलता था, वह अब ₹28 या उससे अधिक में आ रहा है। खुदरा दुकानदार इसे ₹32 तक बेचने को मजबूर हैं। बढ़ती कीमतों के कारण ग्राहकों की खरीदारी का तरीका भी बदल गया है—अब लोग जरूरत भर ही खरीद रहे हैं, अतिरिक्त स्टॉक नहीं ले रहे।
गैस और अन्य कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी से उत्पादन महंगा हो गया है, जिसका असर सीधे आम लोगों पर पड़ रहा है। लगन के सीजन के बावजूद मांग में कमी देखी जा रही है और शादी वाले घरों में भी खरीदारी सीमित हो गई है। इस स्थिति ने साफ कर दिया है कि गैस संकट का असर अब रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ पारंपरिक वस्तुओं पर भी पड़ने लगा है।