रांची न्यूज डेस्क: करीब तीन दशक बाद झारखंड की राजधानी Ranchi की कभी प्रसिद्ध रही बेकन फैक्ट्री को फिर से शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गुरुवार को झारखंड सरकार ने Indian कृषि अनुसंधान परिषद – राष्ट्रीय मांस एवं कुक्कुट अनुसंधान संस्थान के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता मुख्यमंत्री Hemant Soren की मौजूदगी में हुआ। इसी दौरान राज्य के कृषि विभाग के अंतर्गत बागवानी निदेशालय ने भी भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान के साथ बागवानी क्षेत्र के विकास के लिए एक अलग समझौता किया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इन दोनों समझौतों से राज्य में पशुपालन और बागवानी क्षेत्र को नई गति मिलेगी। इससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर कृषि से जुड़े क्षेत्रों को अधिक लाभकारी बनाना है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद – राष्ट्रीय मांस एवं कुक्कुट अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक एम. मुथुकुमार ने कहा कि यह साझेदारी झारखंड के मांस प्रसंस्करण क्षेत्र को आधुनिक बनाने का महत्वपूर्ण अवसर है। उनके अनुसार, बेकन फैक्ट्री के पुनरुद्धार से राज्य में मीट प्रोसेसिंग उद्योग के विकास को बढ़ावा मिलेगा और इससे किसानों, उद्यमियों तथा उपभोक्ताओं सभी को लाभ होगा।
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक इस समझौते के तहत फैक्ट्री के आधुनिकीकरण और पुनरुद्धार के लिए तकनीकी सहायता दी जाएगी। साथ ही राज्य में आधुनिक मीट प्रोसेसिंग ढांचे का विकास, अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का पालन और स्थानीय उद्यमियों तथा श्रमिकों को प्रशिक्षण देने जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।
दूसरी ओर, भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान के साथ हुए समझौते का उद्देश्य झारखंड में बागवानी क्षेत्र का विस्तार करना है। इस सहयोग के जरिए राज्य में फल-सब्जियों की उत्पादकता, गुणवत्ता और मूल्य संवर्धन को बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।
राज्य की कृषि मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की ने कहा कि ये दोनों समझौते राज्य के किसानों के लिए दूरगामी प्रभाव वाले साबित होंगे। सरकार पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने और पशुधन आधारित उत्पादों में मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।