रांची न्यूज डेस्क: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की औपचारिक घोषणा के बाद राज्य निर्वाचन कार्यालय 21,736 विशेष शिविर लगाएगा। यह प्रक्रिया अप्रैल से शुरू होने की संभावना है। इन शिविरों का उद्देश्य उन मतदाताओं की मदद करना है, जिनका नाम वर्ष 2003 में हुए पिछले SIR से मैप नहीं हो सका था।
राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने बताया कि SIR शुरू होते ही पूरे राज्य में 21 हजार से अधिक कैंप स्थापित किए जाएंगे। खासकर बुजुर्गों, कमजोर वर्गों और वास्तविक मतदाताओं को बिना किसी परेशानी के प्रक्रिया पूरी कराने पर जोर रहेगा। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO), सुपरवाइजर, हेल्प डेस्क मैनेजर, सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) और कंप्यूटर ऑपरेटर सहित पूरी चुनावी मशीनरी को इस कार्य में लगाया जाएगा।
CEO के अनुसार, झारखंड में कुल मतदाताओं की संख्या 2.65 करोड़ है। इनमें से 1.95 करोड़ मतदाताओं का वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान किया जा चुका है। शेष लगभग 70 लाख मतदाताओं का मिलान नहीं हो सका, जिनमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट (ASDD) श्रेणी के नाम शामिल हो सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि SIR का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। विशेष शिविरों के जरिए इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने पर फोकस रहेगा।