रांची न्यूज डेस्क: गोवा के नाइट क्लब में लगी भीषण आग में झारखंड के तीन प्रवासी मजदूरों की मौत के बाद सोमवार को उनके पैतृक गांवों में अंतिम संस्कार किया गया। रांची के लापुंग के फतेहपुर गांव के दो भाई प्रदीप और बिनोद महतो, और खूंटी जिले के कर्रा के गोविंदपुर गांव के मोहित मुंडा इस हादसे के शिकार हुए।
रविवार रात हुए इस अग्निकांड में नाइट क्लब के 14 कर्मचारियों सहित कुल 25 लोगों की जान चली गई। तीनों युवकों के शव सोमवार सुबह विमान से रांची लाए गए। परिवार के लोग रोते-बिलखते अपने बच्चों को घर वापस आते देख बेसुध हो गए।
प्रदीप और बिनोद को लापुंग में कारो नदी किनारे अंतिम विदाई दी गई। ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों भाइयों का संस्कार पूरा किया गया। परिवार ने बताया कि वे एक साल से गोवा में काम कर रहे थे और हर महीने घर पैसे भेजते थे। अगले साल होली पर घर आने की योजना भी बनी हुई थी।
वहीं मोहित को आदिवासी रीति-रिवाजों से उनके गांव में ही दफनाया गया। राज्य सरकार की ओर से त्वरित मदद के तौर पर 50-50 हजार रुपये दिए गए हैं। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि वे परिवारों के लिए और सहायता का आग्रह मुख्यमंत्री से करेंगी, साथ ही गोवा में फंसे दो रिश्तेदारों को भी वापस लाया जा रहा है।