रांची न्यूज डेस्क: रांची में नीट यूजी 2026 पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के विवाद को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर ‘मशाल मार्च’ निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कथित परीक्षा घोटाले को युवाओं के भविष्य पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार और एनटीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन की शुरुआत हरमू ग्राउंड से हुई, जहां से एनएसयूआई कार्यकर्ता मशाल लेकर भाजपा कार्यालय तक पहुंचे। करीब दो घंटे तक धरना और प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान एनएसयूआई नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर 10 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव ने कहा कि नीट पेपर लीक सिर्फ परीक्षा में गड़बड़ी नहीं बल्कि लाखों मेहनती छात्रों के सपनों और मानसिक स्थिति पर सीधा हमला है।
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब भाजपा कार्यालय के पास पहले से मौजूद एबीवीपी और भाजयुमो कार्यकर्ताओं की एनएसयूआई सदस्यों से बहस हो गई। दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया। कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही अरगोड़ा और पुंडाग समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों गुटों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया।
नीट यूजी 2026 परीक्षा विवाद को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। 3 मई को आयोजित परीक्षा को कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इस परीक्षा में भारत और विदेशों के 551 से अधिक शहरों में करीब 22 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। अब केंद्र सरकार की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है।