रांची न्यूज डेस्क: झारखंड की राजधानी रांची की तीन महिलाओं ने 60 साल की उम्र पार करने के बाद भी यह साबित कर दिया कि मेहनत और हौसले के आगे उम्र कोई मायने नहीं रखती। सोनी, एमलीन और किरण—इन तीनों ने बिना किसी बड़ी डिग्री और औपचारिक शिक्षा के अपना खुद का काम शुरू किया और आज आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
इनमें से कोई भी स्कूल नहीं गई, लेकिन आज ये महिलाएं घर पर मसाले, अचार, पापड़, लड्डू और अन्य खाद्य उत्पाद बनाकर हर महीने 40 से 50 हजार रुपये तक की कमाई कर रही हैं। इनकी कहानी यह दिखाती है कि अगर कुछ करने की चाह हो, तो सीमित संसाधनों के बावजूद भी सफलता हासिल की जा सकती है।
खूंटी क्षेत्र की एमलीन बताती हैं कि एक समय ऐसा था जब परिवार को माड़-भात खाकर गुजारा करना पड़ता था। बाद में सरकारी योजना के तहत लोन मिलने पर उन्होंने अचार, पापड़ और शहद बनाने का काम शुरू किया। आज उनकी मासिक आय 40 हजार रुपये से अधिक हो गई है, जो उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
वहीं, सोनी ने “स्पाइसीया” नाम से मसाले का ब्रांड खड़ा किया है, जिसमें 25 से ज्यादा तरह के मसाले बनाए जाते हैं और कई जिलों में सप्लाई होती है। दूसरी ओर, किरण ने “किरण एंटरप्राइजेज” के जरिए रागी लड्डू, नमकीन, दाल और मसालों का काम शुरू किया। कभी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए संघर्ष करने वाली ये महिलाएं आज हर महीने करीब 50 हजार रुपये कमा रही हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।