रांची न्यूज डेस्क: झारखंड की राजधानी रांची में गर्मी बढ़ने के साथ ही पेयजल संकट गहराता जा रहा है। शहर के कई इलाकों में पानी की कमी से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है और दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल होता जा रहा है। नगर निगम के 53 वार्डों में से अधिकांश क्षेत्रों में हालात खराब हैं, जबकि कई इलाके पूरी तरह ड्राई जोन में तब्दील हो चुके हैं, जिससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
नगर निगम द्वारा टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन यह व्यवस्था लोगों की जरूरतों के मुकाबले काफी कम साबित हो रही है। टैंकर से मिलने वाला पानी केवल नहाने और अन्य घरेलू कार्यों तक सीमित है, जबकि पीने के लिए लोगों को बाजार से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है। इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है।
केंद्र सरकार की नल-जल योजना अब तक पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है, जिसके कारण कई इलाकों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। सीमित टैंकर और अनियमित सप्लाई ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। वहीं, बढ़ती गर्मी के चलते जलस्तर में गिरावट आ रही है, जिससे पानी की उपलब्धता पर सीधा असर पड़ रहा है। लोग घंटों पानी का इंतजार करने या वैकल्पिक साधन अपनाने को मजबूर हैं।
इस मामले में मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि प्रभावित इलाकों में टैंकर के जरिए पानी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है और नल-जल योजना पर जल्द बैठक कर जरूरी निर्णय लिए जाएंगे। वहीं वार्ड 34 के निवासी उमाकांत महतो और मोहन कुमार सहित अन्य लोगों का कहना है कि हर साल गर्मियों में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाता। लोगों ने प्रशासन से दीर्घकालिक उपाय करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस समस्या से निजात मिल सके।